देवरिया गौर की आवाज क्राइम ब्यूरो, मंडल गोरखपुर
तारकेश्वर गुप्ता।जिले में रुद्रपुर-असवनपार मार्ग स्थित अवस्थी चौराहे के पास पुलिस और संदिग्ध बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के छपरा गांव निवासी रामअशीष यादव पुत्र स्वर्गीय रमाकान्त यादव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुद्रपुर परिसर स्थित कर्मचारी आवास में हुई महिला की हत्या के मामले में वांछित था। घायल आरोपी को पहले सीएचसी रुद्रपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया गया। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग
पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया तो वे बाइक मोड़कर भागने लगे। पीछा किए जाने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसी दौरान बाइक फिसलने से दोनों गिर पड़े और पैदल भागने लगे। ग्राम सिहोरचक के पास एक आरोपी पेड़ की आड़ लेकर पुलिस को गोली मारने की धमकी देने लगा। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कई बार कहा, लेकिन उसने दोबारा फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। पुलिस ने मौके से असलहा कब्जे में लेकर उसे अस्पताल पहुंचाया। बाइक चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
तीन लाख रुपये में हत्या की सुपारी मिलने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने महिला की हत्या की साजिश में शामिल होने और तीन लाख रुपये की सुपारी मिलने की बात बताई है। आरोपी के कथित बयान के अनुसार, उसे सत्यप्रकाश के माध्यम से महिला के परिजनों की ओर से हत्या के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था, जिसमें से ढाई लाख रुपये पहले ही मिल चुके थे। शेष 50 हजार रुपये लेने के लिए वह अपने साथी नरेश के साथ जा रहा था। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वारदात के समय सत्यप्रकाश और महिला के परिजन आसपास रेकी कर रहे थे, जबकि उसने और नरेश ने आवास में घुसकर महिला का गला रस्सी से दबाया और हथौड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी। इन बयानों और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में होनी बाकी है।
25 अक्टूबर को आवास में मिला था महिला का शव
पुलिस के अनुसार,डायल-112 पर सीएचसी रुद्रपुर की स्टाफ नर्स पूर्णिमा ने सूचना दी थी कि परिसर स्थित कर्मचारी आवास में उनकी भाभी गुड़िया मृत अवस्था में मिली हैं। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक देवरिया अभिजित आर. शंकर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। मामले के खुलासे के लिए अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर राजेश कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस टीमें गठित की गई थीं।
परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा
मृतका की मां लालती देवी, निवासी एकौना थाना क्षेत्र, की तहरीर पर पुलिस ने चमनलाल विश्वकर्मा, अभिमन्यु विश्वकर्मा, उर्मिला देवी और पूर्णिमा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अब हत्या की साजिश, कथित सुपारी, अन्य आरोपियों की भूमिका और फरार संदिग्ध की तलाश के बिंदुओं पर जांच कर रही है। मामले में सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण विवेचना और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद होगा।


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