एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद में एक दिलचस्प विसंगति दिखलाई देती है। यह कि विपक्षी दल तो चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आयोग स्वयं अपने कामकाज को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने से कतरा रहा है। खबरों के अनुसार तीन में से दो निर्वाचन आयुक्तों- सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने दस महीनों के दौरान कम से कम 14 मौकों पर एसआईआर से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
पवन के. वर्मा का कॉलम:चुनाव प्रक्रिया का प्रश्न सत्ता व विपक्ष तक ही सीमित नहीं है
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