जयसिंहपुर गौर की आवाज संवाद सुल्तानपुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के बाहरपुर गांव में बुधवार को कृषि विभाग की ओर से विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत खेत बचाओ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रासायनिक खाद का सीमित इस्तेमाल करने, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने और जैविक व प्राकृतिक खेती अपनाने के तरीके बताए। साथ ही खेती के साथ पशुपालन और अन्य कृषि आधारित व्यवसायों को अपनाकर आमदनी बढ़ाने की जानकारी दी गई।
गोबर और गौमूत्र से सुधरेगी मिट्टी की गुणवत्ता
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ए.के. सिंह और डॉ. एस.पी. मिश्रा ने किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित खाद का इस्तेमाल और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाना जरूरी है। पशुओं के बेहतर प्रजनन पर दिया जोर
विशेषज्ञों ने गाय-भैंस में बांझपन की समस्या, कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि संक्रमण और प्रजनन संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सके।
खेती के साथ दूसरे व्यवसाय अपनाने की सलाह
कार्यक्रम में किसानों को फूलों की खेती, मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन और सूअर पालन जैसे व्यवसायों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उद्यान, उद्योग और पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ लेने तथा प्रशिक्षण के माध्यम से स्वरोजगार शुरू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और खेती से जुड़े अतिरिक्त व्यवसाय अपनाकर किसान आय के नए स्रोत विकसित कर सकते हैं।कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि अरुण प्रजापति, किसान मित्र उदयभान सिंह, राममूर्ति निषाद, दिलीप कुमार और अजीत निषाद समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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