सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता। अवैध तमंचा रखने के मामले में दोषी पाए गए अख्तर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी शैलेश चतुर्वेदी ने पैरवी की। अभियोजन के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2025 को कोतवाली नगर पुलिस आवास विकास कॉलोनी और बधराजपुर क्षेत्र में वाहन चेकिंग व अपराध नियंत्रण अभियान चला रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सौरमऊ ओवरब्रिज के नीचे अंकित पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध अवस्था में खड़े अख्तर को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी जींस की दाहिनी फेंट से 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ था। आरोपी की पहचान अख्तर पुत्र इरशाद अहमद कुरैशी निवासी अन्नू चौराहा, खैराबाद, कोतवाली नगर के रूप में हुई थी।पुलिस ने उसके खिलाफ आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने आरोपी के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए अधिकतम सजा दिए जाने की मांग की। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोप साबित मानते हुए अख्तर को तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
तमंचा रखने के आरोप में दोषी को तीन साल की सजा, 10 हजार रुपये जुर्माना
सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता। अवैध तमंचा रखने के मामले में दोषी पाए गए अख्तर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा…
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