सुलतानपुर गौर की आवाज विधि संवाददाता। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत के मामले में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की धनराशि का भुगतान नहीं करना बीमा कंपनी को भारी पड़ा। स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष राधेश्याम यादव व सदस्यगण मृदुला राय व रमेश चंद यादव ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को मृतक के नामिनी पुत्र के पक्ष में 2.20 लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही वाद दाखिल करने की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी अदा करना होगा। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के विझूरी गांव निवासी कृष्ण कुमार ने अपने पिता स्व. शिवराम की प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत मिलने वाली धनराशि के भुगतान के लिए स्थायी लोक अदालत में वाद दाखिल किया था। वादी के मुताबिक उनके पिता शिवराम का बैंक ऑफ बड़ौदा की सिसौड़ा शाखा में बचत खाता था। खाते में उन्हें नामिनी बनाया गया था। पिता ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये का बीमा कराया था, जिसके प्रीमियम के रूप में बैंक ने खाते से 20 रुपये काटे थे।नौ दिसंबर 2024 को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शिवराम की दो जनवरी 2025 को मेडिकल कॉलेज लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वादी ने 28 जनवरी 2025 को बैंक में मृत्यु से संबंधित आवश्यक अभिलेख जमा कर बीमा क्लेम प्रस्तुत किया। इसके बाद दोबारा मांगे गए दस्तावेज भी दो जून और 18 जुलाई 2025 को उपलब्ध कराए, लेकिन बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद भी बैंक और बीमा कंपनी से गुहार लगाने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने स्थायी लोक अदालत की शरण ली।
बीमा कंपनी पर 2.20 लाख रुपये का भुगतान का आदेश
सुलतानपुर गौर की आवाज विधि संवाददाता। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत के मामले में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना की धनराशि का भुगतान नहीं करना बीमा कंपनी को भारी पड़ा। स्थाय??…

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