सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता।जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद इसकी किल्लत को लेकर प्रसारित हो रही खबरों के बीच जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि जनपद में डीएपी, एनपीके, यूरिया और सिंगल सुपर फास्फेट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान अपनी फसल और जोत के अनुसार आधार कार्ड एवं फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से निर्धारित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। खाद की ओवररेटिंग और टैगिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
*25,075 किसानों ने खरीदी 2,546 मीट्रिक टन डीएपी*
जिलाधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि वर्तमान में साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल के चलते वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद जिले में उर्वरक की उपलब्धता पर्याप्त है। इस वर्ष अब तक 25,075 किसानों द्वारा 2,546 मीट्रिक टन डीएपी खरीदी गई है। इसी प्रकार 1,688 मीट्रिक टन एनपीके और 45,638 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया है। यह मात्रा पिछले वर्ष के सापेक्ष लगभग समान है।
48 अधिकृत बिक्री केंद्रों पर भेजी जा रही खाद
सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल को देखते हुए किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पीसीएफ के बफर गोदाम से जिले के 48 इफको और कृभको अधिकृत बिक्री केंद्रों पर खाद भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 320 मीट्रिक टन इफको डीएपी, 185 मीट्रिक टन कृभको डीएपी और 191 मीट्रिक टन इफको एनपीके का आवंटन कर प्रेषण कराया जा रहा है। इससे रबी फसलों की बुवाई प्रभावित नहीं होगी।
निजी दुकानों पर भी पर्याप्त स्टॉक
जिलाधिकारी के मुताबिक जिले के निजी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर भी पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इनमें 2,792 मीट्रिक टन डीएपी, 5,245 मीट्रिक टन एनपीके और 6,514 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट बिक्री के लिए मौजूद है। किसान इन केंद्रों से निर्धारित दरों पर खाद खरीद सकते हैं।
जबरन अन्य उत्पाद थमाने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को उर्वरक वितरण की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे सब्सिडीयुक्त उर्वरकों के साथ जिंक, सल्फर, कैल्शियम अथवा अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिक कीमत लेने पर निरस्त होगा लाइसेंस
सभी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीन के माध्यम से जोतबही अथवा फार्मर रजिस्ट्री के अनुसार निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करने वाले विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त करने के साथ विधिक कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर, रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने तथा किसानों को अनिवार्य रूप से कैश मेमो देने को कहा गया है।
वहीं, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को हड़ताल पर गए समितियों के सचिवों के खिलाफ निलंबन, विभागीय और कठोर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक खरीदें।
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