मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक के मामले में विवेचक पर गवाहों के बयान दर्ज नहीं करने और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराएं नहीं बढ़ाने का आरोप
सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता। कुड़वार थाना क्षेत्र के भण्डरा परसरामपुर गांव में मारपीट के मामले में विवेचना में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पक्ष ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मामले में वादी सिराज अहमद ने अधिवक्ता अशोक शुक्ल के जरिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयूरेश श्रीवास्तव की अदालत में मानीटरिंग अर्जी दाखिल कर विवेचक को थाने का सीसीटीवी फुटेज व मय केस डायरी तलब करने की मांग की है । कोर्ट ने थाने से रिपोर्ट तलब कर सुनवाई के लिए 22 नवंबर की तारीख नियत की है। आरोप है कि बीती 21 अक्टूबर की सुबह करीब आठ बजे सिराज अहमद के पुत्र निसार अहमद का गांव के सत्यम और उसके पिता बृजलाल से विवाद हुआ था। आरोप है कि करीब दो घंटे बाद दोनों आरोपी बातचीत के बहाने निसार को घर बुलाकर ले गए और वहां लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई। शोर सुनकर सिराज अहमद मौके पर पहुंचे तो आरोपी उनके पुत्र को गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए।पीड़ित का आरोप है कि हमले में निसार का सिर फट गया और हाथ-पैर में भी गंभीर चोटें आईं। उसे सीएचसी कुड़वार में मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। आरोप है कि घायल युवक का अभी इलाज चल रहा है और उसे बार-बार बेहोशी आने के साथ उल्टियां भी हो रही हैं। सिराज अहमद ने विवेचक पर आरोप लगाया है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज नहीं किए गए और न ही घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं की बढ़ोतरी भी नहीं की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष की ओर से सुलह का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। वहीं घटना की तहरीर देने गये पीडित वादी को भी थाने में दो दिन जबरन बैठाने का आरोप लगाया गया है तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल भेजना बताया गया है। पीड़ित ने थाने की फुटेज मय केस डायरी तलब कर कोर्ट के जरिए मानीटरिंग की मांग की है।

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