चोरी की बाइक रखने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में भी सुनाया दण्डादेश
सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता। बाइक चोरी के मामले में दोषसिद्ध अभियुक्त अमित जायसवाल को अदालत ने सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने गुरुवार को दोषी अमित जायसवाल को चोरी व चोरी की बाइक रखने में तीन वर्ष तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में दो वर्ष के साधारण कारावास से दण्डित किया है। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी शैलेश चतुर्वेदी के मुताबिक मामला 10 सितंबर 2022 का है। अमेठी जिले के बहोरखा, हरकरपुर शाहगढ़ निवासी कुलदीप पांडेय अपनी पत्नी को बीएड की परीक्षा दिलाने सुलतानपुर स्थित महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी हीरो एचएफ डीलक्स बाइक पर्यावरण पार्क के गेट के बाहर खड़ी की थी। करीब 40 मिनट बाद लौटने पर बाइक गायब मिली। पीड़ित ने डायल 112 पर सूचना देने के बाद कोतवाली नगर में तहरीर दी थी। चोरी गई बाइक का नंबर यूपी 42 एएच 4512 था। बाइक की डिग्गी में रखे कागजात भी चोरी हो गए थे। इस मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। दौरान विचारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह ने अभियोजन पक्ष के गवाहो व साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई।

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