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मंगलवार, 3 नवंबर 2026

सेशन कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को किया निरस्त- निगरानी मंजूर,ट्रेलर चोरी प्रकरण से जुड़ा मामला

अंतिम रिपोर्ट स्वीकार करने और प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र खारिज करने के आदेश को अपर सत्र न्यायाधीश ने किया अपास्त, नए सिरे से सुनवाई के निर्देशसुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता।ट्रेलर चोरी के मामले…

सेशन कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को किया निरस्त- निगरानी मंजूर,ट्रेलर चोरी प्रकरण से जुड़ा मामला
सेशन कोर्ट ने लोअर कोर्ट के आदेश को किया निरस्त- निगरानी मंजूर,ट्रेलर चोरी प्रकरण से जुड़ा मामला

अंतिम रिपोर्ट स्वीकार करने और प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र खारिज करने के आदेश को अपर सत्र न्यायाधीश ने किया अपास्त, नए सिरे से सुनवाई के निर्देश

सुलतानपुर गौर की आवाज विधि सांवाददाता।ट्रेलर चोरी के मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट स्वीकार करने और वादी का प्रोटेस्ट प्रार्थनापत्र खारिज करने के निचली अदालत के आदेश को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश की अदालत ने निरस्त कर दिया है। अदालत ने वादी की ओर से दाखिल दाण्डिक निगरानी स्वीकार करते हुए मामले में दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से विधि के अनुसार आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। निगरानीकर्ता के वकील अरविंद सिंह राजा के मुताबिक अमेठी जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र का मामला है। बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र स्थित सिसवा बरुआर निवासी अमरेश कुमार का ट्रेलर 22/23 दिसंबर 2025 की रात पीपरपुर रेलवे स्टेशन के सामने पेट्रोल पंप के पास एक ढाबे के निकट से चोरी हो गया था। चालक ने रात करीब 11 बजे ट्रेलर खड़ा किया था। तबीयत खराब होने पर वह इलाज कराने सुलतानपुर चला गया। रात करीब दो बजे वापस लौटा तो ट्रेलर गायब मिला। पीड़ित ने थाने और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर 11 फरवरी 2026 को अज्ञात के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। इस पर वादी ने प्रोटेस्ट अर्जी दाखिल कर फाइनल रिपोर्ट निरस्त करने की मांग की । कोर्ट ने प्रोटेस्ट अर्जी खारिज कर अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी। इस आदेश के खिलाफ अमरेश कुमार ने अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में निगरानी दाखिल की।  कोर्ट ने  निगरानी स्वीकार करते हुए निचली अदालत का आदेश अपास्त कर दिया। साथ ही निर्देश दिया कि मामले में दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से गुण-दोष के आधार पर विधि सम्मत आदेश पारित किया जाए।

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